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जीएसटी बिल कैसे बनाएं – फ्री इनवॉइस जनरेटर, PDF डाउनलोड (Invoice Generator)

अपने लोगो, टैक्स, डिस्काउंट और भुगतान की जानकारी के साथ प्रोफ़ेशनल बिल (इनवॉइस) बनाएं और PDF डाउनलोड करें।

रूप और करेंसी
टेम्पलेट
इनवॉइस की जानकारी
आपका बिज़नेस
Bill to
लाइन आइटम
डिस्काउंट, शिपिंग और भुगतान
टैक्स के बाद जुड़ता है। अगर इस पर टैक्स लगता है, तो इसे लाइन आइटम की तरह जोड़ें।
नोट्स, शर्तें और भुगतान की जानकारी
INR इनवॉइस में बाकी रक़म वाला स्कैन-टू-पे UPI QR कोड जुड़ जाता है।
सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में सेव

PDF असली टेक्स्ट और वेक्टर आकृतियों से बनती है, इसलिए ज़ूम और प्रिंट करने पर भी साफ़ रहती है। पश्चिमी यूरोपीय वर्णमाला से बाहर के अक्षर (जैसे ₹ या हिंदी) “प्रिंट करें → Save as PDF” से बिल्कुल सही छपते हैं।

सेव किया इनवॉइस डिलीट करें?

यह टूल पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलता है। आप जो कुछ भी लिखते या अपलोड करते हैं, वह किसी सर्वर पर नहीं भेजा जाता।

कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन प्रोफ़ेशनल बिल (इनवॉइस) बनाएं

यह फ्री इनवॉइस जनरेटर आपकी जानकारी को एक साफ़, प्रोफ़ेशनल बिल में बदल देता है जिसे आप तुरंत भेज सकते हैं। अपना लोगो और बिज़नेस की जानकारी, अपना क्लाइंट, किया गया काम और अपनी क़ीमतें डालें — A4 प्रीव्यू बिल्कुल तैयार डॉक्यूमेंट जैसा दिखता है और टाइप करते ही बदलता है। काम पूरा होने पर पीडीएफ डाउनलोड करें दबाएँ या उसे प्रिंट करें।

यह वे काम सँभालता है जिनके लिए आम तौर पर स्प्रेडशीट चाहिए: हर लाइन का अलग टैक्स रेट, GST, VAT या सेल्स टैक्स, प्रतिशत या तय रक़म वाला डिस्काउंट, शिपिंग, आंशिक भुगतान और बाकी रक़म। 30 करेंसी, तीन टेम्पलेट और कोई भी मुख्य रंग चुनें। भारतीय बिज़नेस के लिए यह GST को CGST और SGST में बाँट सकता है और UPI QR कोड जोड़ सकता है, ताकि क्लाइंट स्कैन करके भुगतान कर सकें।

आपके इनवॉइस आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाते। बिज़नेस की जानकारी, लोगो और सेव किए इनवॉइस आपके ब्राउज़र में रहते हैं, इनवॉइस नंबर अपने-आप बढ़ते हैं, और आप सब कुछ बैकअप फ़ाइल के रूप में एक्सपोर्ट कर सकते हैं। यह फ़्रीलांसर, कंसल्टेंट और उन छोटी दुकानों के लिए ठीक है जिन्हें महीने में कुछ इनवॉइस चाहिए। “bill banana hai” या “जीएसटी बिल कैसे बनाएं” — इसके लिए कोई ऐप या Excel नहीं चाहिए, सब ब्राउज़र में होता है। बिल का टेक्स्ट (Tax Invoice, Bill to, Total …) अंग्रेज़ी में छपता है, जैसे ज़्यादातर GST बिल में होता है; आइटम और पते आप हिंदी में भी लिख सकते हैं (हिंदी अक्षरों के लिए नीचे PDF वाला सवाल देखें)।

जीएसटी बिल मेकर – इनवॉइस जनरेटर का इस्तेमाल कैसे करें

  1. “रूप और करेंसी” में टेम्पलेट, मुख्य रंग, करेंसी और अपने देश में इस्तेमाल होने वाला टैक्स का नाम (GST, VAT, sales tax) चुनें।
  2. “आपका बिज़नेस” एक बार भरें — नाम, पता, टैक्स ID और लोगो हर नए इनवॉइस के लिए याद रहते हैं।
  3. “Bill to” में क्लाइंट डालें, फिर इनवॉइस नंबर, तारीख़ और भुगतान की शर्तें तय करें; ड्यू डेट अपने-आप निकल आती है।
  4. मात्रा (Qty), रेट (Rate) और टैक्स % के साथ लाइन आइटम जोड़ें। ज़रूरत हो तो डिस्काउंट, शिपिंग या पहले से चुकाई गई रक़म जोड़ें।
  5. नोट्स, शर्तें और अपने बैंक या UPI की जानकारी डालें, फिर प्रीव्यू जाँचें (फ़ोन पर “इनवॉइस का प्रीव्यू” टैप करें)।
  6. “पीडीएफ डाउनलोड करें” या “प्रिंट करें” दबाएँ। अगले बिल के लिए “नया इनवॉइस” इस्तेमाल करें — उसे अगला नंबर मिलता है और आपका पिछला इनवॉइस “सेव किए इनवॉइस” में रहता है।

जीएसटी बिल मेकर – इनवॉइस जनरेटर की खूबियाँ

साफ़, असली टेक्स्ट वाली PDF

PDF स्क्रीनशॉट नहीं, बल्कि टेक्स्ट और वेक्टर आकृतियों से बनती है, इसलिए वह छोटी रहती है, किसी भी ज़ूम पर साफ़ दिखती है और उसका टेक्स्ट चुना व खोजा जा सकता है।

टैक्स का सही हिसाब

हर लाइन का अलग टैक्स रेट, ग्रुप किए गए टैक्स टोटल, टैक्स से पहले लगने वाला डिस्काउंट, और राज्य के अंदर वाले (intra-state) GST इनवॉइस के लिए वैकल्पिक CGST + SGST बँटवारा।

लाइव A4 प्रीव्यू

टाइप करते समय ही बिल्कुल वही इनवॉइस देखें, Modern, Classic या Minimal स्टाइल में, आपके रंग और लोगो के साथ।

अपने-आप नंबरिंग

INV-0041 के बाद INV-0042 आता है, आपका प्रीफ़िक्स और आगे के शून्य बने रहते हैं, और जो नंबर पहले इस्तेमाल हो चुके हैं वे छोड़ दिए जाते हैं।

UPI QR कोड

INR इनवॉइस में अपनी UPI ID डालें, ताकि बाकी रक़म पहले से भरा हुआ स्कैन-टू-पे QR कोड छपे।

सेव किए इनवॉइस और बैकअप

हर वह इनवॉइस जिसे आप डाउनलोड करते हैं या जिसके बाद नया शुरू करते हैं, आपके डिवाइस पर सेव होता है। उसे फिर खोलें, बदलें या डिलीट करें, और सब कुछ JSON के रूप में एक्सपोर्ट करें।

इनवॉइस (बिल) में क्या-क्या होना चाहिए? — जीएसटी बिल प्रारूप

पूरा इनवॉइस आपको जल्दी भुगतान दिलाता है और आपका हिसाब साफ़ रखता है। ज़्यादातर टैक्स विभाग कम से कम ये चीज़ें चाहते हैं:

  • “Invoice” शब्द (या जहाँ आपके GST नियम कहते हैं वहाँ “Tax Invoice”) और एक अलग, क्रम से चलने वाला इनवॉइस नंबर।
  • इनवॉइस की तारीख़ और, बेहतर हो तो, ड्यू डेट या Net 15 जैसी भुगतान की शर्तें।
  • आपके बिज़नेस का नाम, पता और संपर्क जानकारी, और अगर आप रजिस्टर्ड हैं तो आपका टैक्स रजिस्ट्रेशन नंबर (GSTIN, VAT नंबर या ऐसा ही कुछ)।
  • क्लाइंट का नाम और पता — और जहाँ ज़रूरी हो, बिज़नेस-टू-बिज़नेस बिक्री के लिए उनका टैक्स नंबर।
  • हर प्रोडक्ट या सर्विस का विवरण, मात्रा, क़ीमत, टैक्स रेट और लाइन का टोटल।
  • सबटोटल, हर टैक्स की रक़म, कोई भी डिस्काउंट और कुल देय रक़म, एक बताई गई करेंसी में।
  • भुगतान कैसे करें: बैंक की जानकारी, UPI ID, पेमेंट लिंक या स्वीकार किए जाने वाले तरीक़े, और देर से भुगतान की कोई शर्त।

टोटल कैसे निकाले जाते हैं

हर लाइन की रक़म = मात्रा × रेट। सबटोटल सारी लाइनों का जोड़ है। डिस्काउंट पहले सबटोटल से घटाया जाता है, और फिर हर लाइन की डिस्काउंट के बाद वाली क़ीमत पर उसी लाइन के रेट से टैक्स लगता है — GST और VAT का आम तरीक़ा यही है। शिपिंग टैक्स के बाद जोड़ी जाती है, और पहले से चुकाई गई रक़म घटाकर बाकी रक़म (balance due) मिलती है।

उदाहरण: 10% टैक्स के साथ 10 घंटे $50 प्रति घंटा, और बिना टैक्स के 2 महीने की होस्टिंग $25 प्रति महीना — सबटोटल $550 हुआ। 10% डिस्काउंट से $55 घटे, टैक्स डिस्काउंट के बाद वाले $450 के डिज़ाइन काम का 10% ($45) है, और $20 शिपिंग जोड़कर टोटल $560 होता है। अगर क्लाइंट $100 दे चुका है, तो बाकी रक़म $460 है।

किसी एक आँकड़े को जाँचने के लिए जीएसटी कैलकुलेटर, VAT कैलकुलेटर और डिस्काउंट कैलकुलेटर काम आते हैं। ये आँकड़े सुविधा के लिए हैं, टैक्स सलाह नहीं — अपने बिज़नेस पर लागू नियम किसी अकाउंटेंट या अपने टैक्स विभाग से जाँच लें।

समय पर भुगतान पाने के टिप्स

  • तुरंत इनवॉइस भेजें — जिस दिन काम पूरा हो, उसी दिन, जब बात क्लाइंट के दिमाग़ में ताज़ा हो।
  • साफ़ ड्यू डेट लिखें और भुगतान के सही तरीक़े भी। UPI QR कोड या पूरी बैंक जानकारी से भुगतान आसान होता है।
  • क्लाइंट का PO नंबर लिखें, ताकि उनकी अकाउंट्स टीम आपका इनवॉइस मिला सके।
  • नंबर लगातार रखें और कोई नंबर दोबारा इस्तेमाल न करें; गलती हो जाए तो भेजे गए इनवॉइस को बदलने की जगह क्रेडिट नोट जारी करें।

जीएसटी बिल मेकर – इनवॉइस जनरेटर: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह इनवॉइस जनरेटर सच में फ्री है?

हाँ। इनवॉइस जनरेटर पूरी तरह फ्री है — न अकाउंट, न वॉटरमार्क, और आप कितने भी इनवॉइस बना या डाउनलोड कर सकते हैं।

क्या मेरे इनवॉइस कहीं अपलोड होते हैं?

नहीं। सब कुछ आपके ब्राउज़र में होता है, और आपके बिज़नेस की जानकारी, लोगो और सेव किए इनवॉइस सिर्फ़ इसी डिवाइस पर रहते हैं। बैकअप लेने या दूसरे डिवाइस पर ले जाने के लिए “JSON एक्सपोर्ट करें” इस्तेमाल करें।

भारत के लिए जीएसटी बिल कैसे बनाएं?

INR और GST चुनें, डॉक्यूमेंट का टाइटल “Tax Invoice” रखें, अपना और अपने क्लाइंट का GSTIN डालें, और अपने राज्य के अंदर की बिक्री के लिए “GST को CGST + SGST में दिखाएँ” पर टिक करें। दूसरे राज्य में बिक्री (inter-state) के लिए इसे बिना टिक छोड़ें, ताकि IGST जैसी एक ही GST लाइन दिखे।

मेरी PDF में ₹ चिह्न की जगह “INR” क्यों दिखता है?

PDF में बिल्ट-इन फ़ॉन्ट इस्तेमाल होते हैं जिनमें रुपये का चिह्न नहीं है, इसलिए रक़म “INR 1,180.00” लिखी जाती है, जो उतनी ही मान्य है। अगर आपको चिह्न चाहिए, तो “प्रिंट करें” दबाकर “Save as PDF” चुनें — प्रिंट वाला वर्ज़न आपके डिवाइस के फ़ॉन्ट इस्तेमाल करता है। यही बात हिंदी (देवनागरी) में लिखे आइटम या पते पर भी लागू होती है: वे “प्रिंट करें → Save as PDF” से ठीक छपते हैं।

इनवॉइस नंबर कैसे बढ़ते हैं?

जब आप “नया इनवॉइस” दबाते हैं, तो नंबर के आख़िरी अंकों का समूह एक बढ़ जाता है और उसका प्रीफ़िक्स और आगे के शून्य बने रहते हैं, यानी INV-0099 से INV-0100 हो जाता है। सेव किए इनवॉइस में पहले से इस्तेमाल नंबर छोड़ दिए जाते हैं।

क्या कोटेशन या रसीद भी बना सकते हैं?

हाँ। डॉक्यूमेंट का टाइटल Quotation, Proforma Invoice या Receipt कर दें। कोटेशन में ड्यू डेट की जगह “Valid until” दिखता है।

क्या डाउनलोड करने के बाद इनवॉइस बदल सकते हैं?

हाँ। डाउनलोड किए इनवॉइस अपने-आप सेव हो जाते हैं। उसे “सेव किए इनवॉइस” में चुनें, “खोलें” दबाएँ, बदलाव करें और फिर से डाउनलोड करें।

ये टूल भी काम आ सकते हैं